Headlines

बिहार में स्वास्थ्य मंत्री पद पर महा-संग्राम: नीतीश के बेटे निशांत कुमार की नियुक्ति पर विपक्ष का भारी बवाल

bihar-politics-nitish-kumar-son-nishant-kumar-health-minister-health-controversy-rjd-attack

पटना : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू (JD-U) सुप्रीमो नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) को बिहार का नया स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) बनाए जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नए मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल किए गए 32 मंत्रियों में सबसे चौंकाने वाला नाम निशांत कुमार का था. उन्हें स्वास्थ्य जैसा सबसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे जाने के बाद विपक्षी दलों ने उनकी खुद की खराब सेहत और पूर्व में राजनीति से दूरी का हवाला देकर सरकार को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया है.

आरजेडी का करारा हमला

निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग मिलने के तुरंत बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे बिहार की जनता के साथ क्रूर मजाक बताया है. विपक्ष के नेताओं का कहना है कि निशांत कुमार लंबे समय से आध्यात्मिक झुकाव के कारण एकांत में रहे हैं और उनका स्वास्थ्य भी अक्सर नासाज रहता है. आरजेडी प्रवक्ताओं ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “जो व्यक्ति अपने स्वास्थ्य कारणों और इच्छा की कमी की वजह से राजनीति में आने से बचता रहा, उसे बिहार के 13 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य व्यवस्था का जिम्मा सौंप दिया गया. बिहार के सरकारी अस्पतालों की हालत पहले से ही वेंटिलेटर पर है, अब एक ऐसे मंत्री को कमान दी गई है जिनकी खुद की सेहत पर सवाल उठते रहे हैं.”

मना करने के बाद भी दबाव में राजनीति में एंट्री?

44 वर्षीय निशांत कुमार, जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, शुरुआत में कैबिनेट का हिस्सा बनने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे. वे पूर्व में डिप्टी सीएम (Deputy CM) का पद भी ठुकरा चुके थे और उन्होंने साफ कहा था कि वे केवल संगठन को मजबूत करना चाहते हैं. लेकिन जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के भारी दबाव और मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार वे गांधी मैदान में शपथ लेने को राजी हुए. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू ने अपनी विरासत को सुरक्षित रखने के लिए निशांत कुमार को जबरन आगे बढ़ाया है, लेकिन उनके स्वास्थ्य और प्रशासनिक अनुभव की कमी को लेकर उठ रहे सवाल सरकार के लिए बड़ी सिरदर्दी बन गए हैं.

आलोचना छोड़ें, काम से दूंगा हर सवाल का जवाब

तमाम विवादों और तीखे हमलों के बीच नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पटना में अपना कार्यभार संभाल लिया है. विपक्ष के हमलों का बेहद शांत और सधे हुए अंदाज में जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मेरी सेहत और मेरी क्षमता पर सवाल उठाने वालों को मैं अपने काम से जवाब दूंगा. मेरा पूरा ध्यान बिहार के गरीब मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर है. राजनीति और मंत्रालय मेरे लिए सेवा का माध्यम हैं, किसी विवाद का नहीं.” मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी निशांत कुमार का बचाव करते हुए कहा है कि वे उच्च शिक्षित युवा हैं और उनके नेतृत्व में बिहार का स्वास्थ्य विभाग नए आयाम छुएगा.

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *