क्या हम अपने बिहार को सच में जानते हैं?
आज जब भी लोग बिहार का नाम सुनते हैं, तो उनके दिमाग में राजनीति, गरीबी या मजदूरी की बातें आने लगती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह सिर्फ आधा सच है? असली सच तो यह है कि जहां पूरी दुनिया पढ़ना-लिखना भी नहीं जानती थी, वहां हमारा बिहार दुनिया को ज्ञान और लोकतंत्र की सीख दे रहा था।
आज हम आपको बिहार के इतिहास के 3 ऐसे अनसुने और गौरवशाली रहस्य बताएंगे, जिन्हें जानकर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।
1. नालंदा यूनिवर्सिटी: जब 3 महीने तक जलती रही दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी
आज भले ही लोग पढ़ाई के लिए विदेशों का रुख करते हैं, लेकिन पांचवीं शताब्दी (5th Century) में पूरी दुनिया भारत, खासकर बिहार के नालंदा यूनिवर्सिटी में पढ़ने आती थी।
* खास बात: यह दुनिया की पहली पूरी तरह से रेजिडेंशियल (आवासीय) यूनिवर्सिटी थी, जहां 10,000 से ज्यादा छात्र और 2,000 शिक्षक रहते थे।
* हैरान करने वाला सच: जब बख्तियार खिलजी ने इस यूनिवर्सिटी पर हमला किया, तो उसने यहां की नौ मंजिला लाइब्रेरी ‘धर्मगंज’ में आग लगा दी। इस लाइब्रेरी में इतनी अमूल्य किताबें और पांडुलिपियां (manuscripts) थीं कि वह आग पूरे 3 महीने तक धधकती रही। सोचिए, हमारा कितना बड़ा ज्ञान का खजाना जलकर राख हो गया!
2. जहानाबाद की बराबर गुफाएं (Barabar Caves): प्राचीन काल का मॉडर्न आर्किटेक्चर अगर आपको लगता है कि कंक्रीट और पत्थरों को तराशने की बेहतरीन तकनीक सिर्फ आज के जमाने में है, तो आपको जहानाबाद जिले में स्थित बराबर की गुफाएं जरूर देखनी चाहिए।
* इतिहास: ये गुफाएं मौर्य साम्राज्य के समय (Emperor Ashoka के काल) की हैं और इन्हें भारत की सबसे पुरानी रॉक-कट गुफाएं (rock-cut caves) माना जाता है।
* हैरान करने वाला सच: इन गुफाओं को किसी आम पत्थर से नहीं, बल्कि बेहद मजबूत सॉलिड ग्रेनाइट की चट्टानों को काटकर बनाया गया है। इसके अंदर की दीवारों पर ऐसी शीशे जैसी चमक (mirror-like polish) है कि आज के इंजीनियर्स भी दंग रह जाते हैं। इसके साथ ही, यहां का ‘इको साउंड सिस्टम’ (Acoustic system) इतना कमाल का है कि अंदर एक बार बोलने पर आवाज कई सेकंड तक गूंजती रहती है।
3. वैशाली: जहां से दुनिया ने सीखा ‘लोकतंत्र’ (World’s First Republic) आज अमेरिका, ब्रिटेन और भारत जैसे बड़े देश जिस लोकतंत्र (Democracy) पर गर्व करते हैं, उसकी नींव कहीं और नहीं बल्कि हमारे बिहार की पावन धरती वैशाली में रखी गई थी।
* इतिहास: आज से लगभग 2500 साल पहले, ईसा पूर्व छठी शताब्दी (6th Century BC) में वैशाली में लिच्छवी राजवंश के दौरान दुनिया का पहला गणराज्य (Republic) स्थापित हुआ था।
* खास बात: यहां राजा का बेटा सीधे राजा नहीं बनता था, बल्कि जनता और प्रतिनिधियों के मत (votes) से फैसले लिए जाते थे। बिहार ने ही दुनिया को सिखाया कि जनता की ताकत क्या होती है।
Conclusion:
बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि इतिहास की वो किताब है जिसके बिना भारत का इतिहास अधूरा है। नालंदा का ज्ञान, बराबर गुफाओं का विज्ञान और वैशाली का लोकतंत्र इस बात का सबूत हैं कि हमारी जड़ें कितनी मजबूत और गौरवशाली हैं।