
नेपाल सीमा से सटे रास्तों के जरिए तस्कर अपना रहे नए हथकंडे, स्थानीय लोगों ने बढ़ाई निगरानी की मांग
लदनियां (मधुबनी): बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सीमावर्ती इलाकों में शराब तस्करी का अवैध कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। नेपाल सीमा से सटे मधुबनी जिले के लदनियां बॉर्डर क्षेत्र में शराब तस्करों की गतिविधियां लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब की खेप बिहार में पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीण रास्तों और रात के अंधेरे का उठाया जा रहा फायदा
जानकारी के अनुसार, नेपाल से सटे कई छोटे संपर्क मार्ग और ग्रामीण रास्ते तस्करों के लिए आसान रास्ता बनते जा रहे हैं। बताया जाता है कि शराब तस्कर रात के अंधेरे में बाइक, साइकिल और छोटे वाहनों के जरिए शराब की खेप बिहार सीमा में पहुंचाने की कोशिश करते हैं। कुछ मामलों में तस्कर खेतों और कम निगरानी वाले रास्तों का भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
तरीके बदल रहे तस्कर, चुनौती बढ़ी
सूत्रों के मुताबिक प्रशासन की सख्ती बढ़ने के बाद तस्करों ने अपने काम करने के तरीके भी बदल दिए हैं। अब वे छोटे-छोटे समूहों में शराब की खेप लाने और अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सामने कार्रवाई करना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
समय-समय पर होती है कार्रवाई
पुलिस और उत्पाद विभाग द्वारा समय-समय पर शराब तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। कई बार बड़ी मात्रा में शराब जब्त की गई है और तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है। बावजूद इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में यह अवैध कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों ने उठाई सख्त निगरानी की मांग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि सीमा क्षेत्रों में चौकसी और गश्त को और बढ़ाया जाए, तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने और लगातार जांच अभियान चलाने की मांग की है।
पुलिस का दावा – जारी है विशेष अभियान
इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बावजूद सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही शराब तस्करी पर कब तक प्रभावी रोक लग पाती है।