देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
बदलते मौसम का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि खेती और पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। अत्यधिक गर्मी के कारण जलस्रोत सूखने लगे हैं और बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। कई शहरों में पानी की किल्लत भी देखने को मिल रही है।
डॉक्टरों के अनुसार हीटवेव के दौरान डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी तेज गर्मी, कभी अचानक बारिश और आंधी जैसी घटनाएं अब सामान्य होती जा रही हैं।
यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसलिए पेड़ लगाना, पानी बचाना और प्रदूषण कम करना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।