नई दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट (West Asia Conflict) के बीच कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और देशव्यापी महंगाई को देखते हुए दिल्ली की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी ईंधन बचत अभियान “मेरा भारत, मेरा योगदान” को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi CM Rekha Gupta) ने पूरी राजधानी में ‘मेट्रो मंडे’ (Metro Monday) महा-अभियान की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने दिल्ली के तमाम मंत्रियों, विधायकों और आला अधिकारियों के लिए सोमवार के दिन सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर पूरी तरह ‘ब्रेक’ लगाते हुए केवल मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दफ्तर पहुंचने का सख्त फरमान जारी किया है.
कश्मीरी गेट से खुद मेट्रो में सवार हुईं मुख्यमंत्री
इस अभियान को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद सोमवार सुबह कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन (Kashmere Gate Metro Station) से आईटीओ (ITO) तक आम यात्रियों के साथ मेट्रो में सफर किया. इसके बाद उन्होंने दिल्ली सचिवालय पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक फीडर बस का सहारा लिया. मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री परवेश वर्मा और रवींद्र इंद्रजीत भी मेट्रो में सह-यात्री बने नजर आए. मुख्यमंत्री ने एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद बड़ा प्रशासनिक हंटर चलाते हुए दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों के डीजल और पेट्रोल कोटे में सीधे 20 प्रतिशत की भारी कटौती कर दी है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने खुद के सरकारी सुरक्षा काफिले (Carcade) को भी 60 प्रतिशत तक छोटा कर दिया है.
दिल्ली में लागू होगा 2 दिन का Work From Home
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली की जनता और कॉर्पोरेट जगत के सामने ईंधन बचाने के लिए कड़े और ऐतिहासिक उपायों की घोषणा की है:
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सरकारी दफ्तरों में 2 दिन का WFH: दिल्ली सरकार के सभी विभागों में अब सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) लागू किया जाएगा. प्राइवेट कंपनियों से भी इसे स्वैच्छिक रूप से अपनाने का आग्रह किया गया है.
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विदेशी दौरों पर 1 साल का बैन: मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों और अधिकारियों के आधिकारिक विदेशी दौरों पर अगले एक साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है.
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हफ्ते में एक दिन ‘नो-व्हीकल डे’ की अपील: दिल्ली के आम नागरिकों से मुख्यमंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे अपनी निजी गाड़ियों (कार और बाइक) को हफ्ते में कम से कम एक दिन पूरी तरह बंद रखें और केवल सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करें.
“यह सिर्फ पर्यावरण नहीं, देश की तिजोरी बचाने की लड़ाई है” — सीएम रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री का बड़ा बयान: “ईंधन का संरक्षण आज सिर्फ एक पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि यह सीधे हमारे राष्ट्रहित और देश की तिजोरी से जुड़ी जिम्मेदारी बन चुका है. पश्चिम एशिया के संकट ने वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई को हिला दिया है. अगर दिल्ली का हर नागरिक हफ्ते में एक दिन भी अपनी गाड़ी घर पर छोड़ दे, तो हम देश की करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा बचा सकते हैं. आइए मिलकर ‘मेट्रो मंडे’ को एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बनाएं.”
विपक्ष ने हालांकि सरकार के इस कदम को आम कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बताते हुए घेरा है, लेकिन दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर सोमवार को 24 अतिरिक्त फेरे (Additional Trips) चलाने का फैसला किया है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न