Category: Faishil Tiwari

नशा: एक ऐसी लत जो सिर्फ इंसान नहीं, पूरा भविष्य बर्बाद कर देती है

आज के समय में नशा सिर्फ एक बुरी आदत नहीं, बल्कि समाज के लिए सबसे खतरनाक समस्याओं में से एक बन चुका है। शराब, सिगरेट, तंबाकू, ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, खासकर युवाओं के बीच। सबसे चिंता की बात यह है कि जिस उम्र में युवाओं को अपने…

विकास के दावों के बीच घुटता समाज: भारत की असली सामाजिक समस्याएँ

भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी, हाईवे, मेट्रो और तकनीकी विकास की चमक हर तरफ दिखाई देती है। लेकिन इन चमकती तस्वीरों के पीछे एक ऐसी सच्चाई भी छिपी है, जिसके बारे में कम बात होती है—देश की बढ़ती सामाजिक समस्याएँ। गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार,…

अपराध बढ़ रहे हैं… और समाज धीरे-धीरे डर में जीना सीख रहा है

आज के समय में अपराध सिर्फ अखबारों की खबर नहीं रह गए हैं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं। हर दिन हत्या, चोरी, अपहरण, बलात्कार, साइबर फ्रॉड और हिंसा जैसी घटनाएँ सामने आती हैं। कभी किसी शहर में लड़की सुरक्षित नहीं होती, तो कहीं कोई बुजुर्ग ठगी का शिकार…

हिंसक होते बच्चे: आखिर जिम्मेदार कौन—समाज या हम ?

  आज के समय में बच्चों में बढ़ती हिंसा केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि हमारी बदलती जीवनशैली का सीधा परिणाम है। हम अक्सर इस मुद्दे पर चर्चा करते समय सरकार, शिक्षा प्रणाली, मोबाइल या टीवी को दोष देते हैं, लेकिन शायद ही कभी हम अपने भीतर झांककर असली कारण समझने की कोशिश करते हैं।…

पत्रकारिता: सच दिखाने का माध्यम… या TRP की दौड़?

लोकतंत्र में पत्रकारिता और मीडिया को समाज का “चौथा स्तंभ” कहा जाता है। जिस तरह विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका देश को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उसी तरह मीडिया भी जनता और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करता है। मीडिया का काम सिर्फ खबरें दिखाना नहीं होता, बल्कि सच को सामने…

AI: इंसानों का भविष्य… या नौकरियों का दुश्मन?

कुछ साल पहले तक Artificial Intelligence यानी Artificial Intelligence सिर्फ फिल्मों और कल्पनाओं का हिस्सा लगता था। लोग सोचते थे कि मशीनें इंसानों की तरह सोचेंगी, बात करेंगी और फैसले लेंगी—ये सब सिर्फ science fiction है। लेकिन आज AI हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। मोबाइल के voice assistants, chatbots, online recommendations, facial recognition,…

सोशल मीडिया: जहाँ लोग जुड़े भी हैं… और सबसे ज्यादा अकेले भी

आज के दौर में सोशल मीडिया सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। सुबह उठते ही लोग सबसे पहले मोबाइल चेक करते हैं और रात में सोने से पहले आखिरी बार भी स्क्रीन ही देखते हैं। Facebook, Instagram, X, Snapchat और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म ने लोगों के…

एक एपिसोड और…

आज के डिजिटल दौर में OTT प्लेटफॉर्म लोगों की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। Netflix, Amazon Prime Video, Disney+ Hotstar और JioCinema जैसे प्लेटफॉर्म ने मनोरंजन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब लोगों को टीवी पर किसी निश्चित समय का इंतजार नहीं करना पड़ता। एक क्लिक में हजारों फिल्में,…

मुस्कुराता चेहरा हमेशा खुश हो, यह जरूरी नहीं होता।

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग अपने करियर, पढ़ाई, नौकरी और जिम्मेदारियों में इतने उलझ चुके हैं कि उन्होंने अपने मन की आवाज़ सुनना ही लगभग बंद कर दिया है। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता है, लोग हँसते हैं, सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं, दोस्तों से मिलते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर…

महिलाएँ आखिर कब सुरक्षित होंगी? सड़क से सोशल मीडिया तक बढ़ता डर

आज हम 21वीं सदी में जी रहे हैं। देश तकनीक, शिक्षा और विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं—चाहे वह शिक्षा हो, राजनीति, बिजनेस, खेल या मीडिया। लेकिन इन सबके बीच एक सवाल आज भी समाज के सामने खड़ा है— क्या महिलाएँ सच में सुरक्षित हैं?…