
छात्र को पीटता सुरक्षाकर्मी
Patna News: राजधानी पटना स्थित Indira Gandhi Institute of Medical Sciences (IGIMS) में मंगलवार दोपहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों पर एमबीबीएस फाइनल ईयर के एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में छात्र विरोध में उतर आए।
जानकारी के अनुसार, 2022 बैच के एमबीबीएस छात्र सुधीर कुमार अपने एक परिजन को न्यूरो सर्जरी ओपीडी में इलाज के लिए लेकर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि मरीज की स्थिति गंभीर थी और छात्र ने समय पर डॉक्टर से अप्वाइंटमेंट दिलाने की मांग की थी।
अप्वाइंटमेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद
मामला न्यूरो सर्जरी ओपीडी में ऑन-ड्यूटी कर्मचारी सुरेंद्र कुमार दास से बहस के बाद शुरू हुआ। छात्र ने अपना आईकार्ड दिखाते हुए परिचय दिया और मरीज की गंभीर हालत का हवाला देकर जल्द इलाज की मांग की।
काफी देर तक नंबर नहीं आने पर छात्र और कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने छात्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि छात्र को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, उसके बाल पकड़कर खींचे गए और गार्ड रूम में ले जाकर दीवार से धक्का देकर मारा गया।
छात्र सुधीर कुमार का आरोप है कि शुरुआती विवाद शांत होने के बाद जब वह खुद पाइल्स की समस्या को लेकर प्राथमिक उपचार कराने गया, तब भी एक अन्य गार्ड ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की।
छात्रों का फूटा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के 150 से अधिक छात्र एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। आक्रोशित छात्रों ने ओपीडी से लेकर कंट्रोल रूम तक पहुंचकर मारपीट करने वाले कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ नारेबाजी की।
करीब दो घंटे तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
CCTV फुटेज में कैद हुई घटना
इस पूरे मामले को लेकर Resident Doctors Association (RDA) भी छात्रों के समर्थन में उतर आया है।
आरडीए अध्यक्ष डॉ. रजत कुमार ने कहा कि पीड़ित छात्र अपना एप्रेन और आईकार्ड पहने हुए था तथा उसने कर्मचारियों को अपना परिचय भी दिया था। इसके बावजूद उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और बेरहमी से मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि छात्र लगातार अपने परिजन और खुद की तबीयत खराब होने की बात कहता रहा, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। मारपीट की पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। आरडीए ने दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने आरोपी गार्ड को किया निलंबित
घटना की सूचना मिलते ही आईजीआईएमएस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद मेडिकल छात्रों ने संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
छात्रों ने दोषी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
संस्थान प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी सुरक्षा गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
छात्रों ने दी हड़ताल की चेतावनी
घटना के बाद एमबीबीएस छात्रों और जूनियर डॉक्टरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अस्पताल में कार्य बहिष्कार और हड़ताल पर जा सकते हैं।
छात्रों का कहना है कि मेडिकल संस्थानों में डॉक्टरों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
यह घटना एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था, मरीज प्रबंधन और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।