तिरुवनंतपुरम : दक्षिण भारत के राजनीतिक रणक्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. केरल में पूरे एक दशक (10 साल) के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने सत्ता के सिंहासन पर कब्जा जमा लिया है. सोमवार (18 मई 2026) को कांग्रेस के फायरब्रांड और वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीसन (V.D. Satheesan) ने केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली. तिरुवनंतपुरम के खचाखच भरे सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई.
60 साल बाद बना ऐसा ‘फुल कैबिनेट’ रिकॉर्ड
इस बार का शपथ ग्रहण समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा. मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन के साथ उनके पूरे 20 सदस्यीय कैबिनेट मंत्रियों ने भी एक साथ शपथ ली. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केरल के पिछले 60 सालों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी सरकार ने पहले ही दिन अपना ‘पूर्ण कैबिनेट’ एक साथ मैदान में उतार दिया हो. इस नए मंत्रिमंडल में संतुलन साधने के लिए 2 महिलाओं और अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के 2 मंत्रियों को जगह दी गई है. कांग्रेस ने इस मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करते हुए चार पहली बार के विधायकों को मंत्री पद सौंपकर सबको चौंका दिया है, जबकि कई दिग्गज और पुराने सूरमा इस रेस से बाहर रह गए.
पीएम मोदी ने दी बधाई
UDF की इस महा-जीत और ताजपोशी का गवाह बनने के लिए देश भर के वीआईपी नेता तिरुवनंतपुरम पहुंचे थे. समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा विशेष रूप से मौजूद रहीं. जैसे ही सतीसन ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए, पूरे स्टेडियम में कार्यकर्ताओं का हुजूम झूम उठा और राहुल गांधी ने मंच पर ही नए सीएम को गले लगाकर बधाई दी. इस ऐतिहासिक मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और वामपंथी नेता भी मौजूद रहे. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर वी.डी. सतीसन को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी और केरल के विकास व जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
मंत्रियों के शपथ में दिखा अनोखा रंग, सतीसन संभालेंगे खजाना
एक घंटे से अधिक चले इस शपथ ग्रहण समारोह में अलग ही रंग देखने को मिले. कैबिनेट के अधिकांश मंत्रियों ने मलयालम भाषा में और भगवान के नाम पर शपथ ली, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने अंग्रेजी में शपथ लेकर सबका ध्यान खींचा. वहीं, वाम-समाजवादी विचारधारा वाले सहयोगी दलों के दो मंत्रियों (शिबू बेबी जॉन और सी.पी. जॉन) ने भगवान के बजाय ‘सत्यनिष्ठा और निष्ठापूर्वक’ (Solemn Affirmation) शपथ ली. सरकार गठन के तुरंत बाद पोर्टफोलियो का बंटवारा भी कर दिया गया है, जिसमें राज्य के आर्थिक संकट को देखते हुए खुद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ‘वित्त मंत्रालय’ (Finance) संभालेंगे, जबकि सबसे रसूखदार ‘गृह और सतर्कता’ (Home & Vigilance) विभाग वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को सौंपा गया है. मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार एक नए युग के केरल (Puthuyuga Keralam) के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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