भारी गिरावट के बाद IT शेयरों के दम पर हरे निशान में बंद हुआ सेंसक्स

शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ देखने को मिला।

वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण सुबह बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई। एक समय ऐसा आया जब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक *सेंसक्स 1,134 अंक तक टूट गया  और निवेशक घबरा गए। हालांकि, आखिरी घंटों में आईटी (Information Technology) सेक्टर के शेयरों में आई जोरदार खरीदारी की बदौलत बाजार ने निचले स्तरों से शानदार रिकवरी की और अंत में हरे निशान (बढ़त) के साथ बंद होने में कामयाब रहा। BSE Sensex दिन के निचले स्तर से करीब 1,200 अंकों की रिकवरी करते हुए  77.05 अंक (0.10%) की बढ़त  के साथ  75,315.04 पर बंद हुआ। NSE Nifty 50 निफ्टी भी शुरुआती झटके से उबरकर  6.45 अंक (0.03%) की मामूली बढ़त के साथ  23,649.95 के स्तर पर बंद हुआ।

IT शेयरों ने कैसे बचाई बाजार की लाज?

आज के कारोबार में ‘निफ्टी आईटी इंडेक्स’ में 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई। टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), इन्फोसिस (Infosys), टीसीएस (TCS), कोफोरज (Coforge) और एचसीएल टेक (HCL Tech) जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में निवेशकों ने जमकर ‘वैल्यू बाइंग’ (सस्ते दाम पर खरीदारी) की।विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर (96.39) पर पहुंच गया है। रुपया कमजोर होने से आईटी कंपनियों को फायदा होता है क्योंकि उनकी अधिकांश कमाई डॉलर में होती है। इसी वजह से वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में निवेशकों ने आईटी सेक्टर को एक सुरक्षित विकल्प (Defensive Bets) के रूप में चुना।मिडिल ईस्ट में नया तनाव: यूएई (UAE) में एक पावर प्लांट पर ड्रोन हमले और सऊदी अरब द्वारा ड्रोन मार गिराए जाने की खबरों ने बाजार में डर का माहौल बना दिया कच्चे तेल में उबाल: तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $110 प्रति बैरल को पार कर गईं, जो भारत जैसी बड़ी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
रुपये की कमजोरी:  विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली के कारण रुपये में ऐतिहासिक गिरावट देखी जा रही है।

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