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बिहार में 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप को लेकर बड़ा ऐलान, जमीन मालिकों को मिलेगा चार गुना तक मुआवजा

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सम्राट चौधरी की फाइल फोटो

Bihar New Township Project: Bihar में बनने वाली 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने जमीन मालिकों और रैयतों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि जिन लोगों की जमीन टाउनशिप परियोजना में शामिल की गई है, उन्हें जरूरत पड़ने पर सरकार चार गुना तक मुआवजा देगी। सरकार के इस ऐलान को उन लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिनकी जमीन नई टाउनशिप योजना के लिए चिन्हित की गई है और जिन पर फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगी हुई है।

जरूरत पड़ने पर मिलेगी तत्काल आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी रैयत या जमीन मालिक को परेशानी में नहीं छोड़ना चाहती। उन्होंने बताया कि यदि किसी परिवार में बेटी की शादी हो, कोई गंभीर बीमारी हो या किसी तरह की आपदा-विपदा आ जाए, तो संबंधित व्यक्ति अपने जिले के डीएम को आवेदन दे सकता है। आवेदन की जांच के बाद सरकार जमीन की कीमत का चार गुना तक मुआवजा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक व्यवस्था तैयार करने का निर्देश भी दिया है। सरकार का मानना है कि जमीन पर लगी रोक के कारण लोगों को आर्थिक जरूरतों के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यह व्यवस्था जमीन मालिकों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की जा रही है।

सोनपुर में मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा

मंगलवार को Sonepur में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ लोगों के हितों की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई टाउनशिप परियोजनाएं बिहार के शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम हैं, लेकिन सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी किसान, रैयत या जमीन मालिक को नुकसान न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुआवजा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

बिहार के 11 शहरों में बसेंगी नई टाउनशिप

राज्य सरकार ने बिहार के प्रमुख शहरों के आसपास आधुनिक सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत Patna, Muzaffarpur, Bhagalpur, Gaya, Purnia, Darbhanga, Chhapra, Sonepur, Sitamarhi, Munger और Saharsa के आसपास नई टाउनशिप बसाई जाएंगी। इसके अलावा Sasaram के आसपास भी नई टाउनशिप विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने इन क्षेत्रों का प्रारंभिक नक्शा और योजना भी जारी कर दी है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी टाउनशिप

सरकार की योजना के अनुसार नई टाउनशिप को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। इनमें चौड़ी सड़कें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, स्कूल, अस्पताल, पार्क, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, आवासीय क्षेत्र और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन टाउनशिप के विकसित होने से बड़े शहरों पर आबादी का दबाव कम होगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

जमीन खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक

सरकार ने जिन इलाकों को टाउनशिप परियोजना के लिए चिन्हित किया है, वहां फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री और ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध अगले एक वर्ष तक लागू रहेगा। इस फैसले के बाद कई स्थानीय लोगों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि वे अपनी जमीन बेच या ट्रांसफर नहीं कर पा रहे थे। कुछ लोगों को आर्थिक जरूरतों के बावजूद जमीन का उपयोग नहीं कर पाने की चिंता थी। हालांकि सरकार का कहना है कि यह रोक जमीन की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी, बिचौलियों की सक्रियता और रैयतों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए लगाई गई है।

मास्टर प्लान बनने के बाद हटेगी रोक

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार होने के बाद जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटा दी जाएगी। इसके बाद विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क, आवासीय क्षेत्र, औद्योगिक जोन, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।

जमीन मालिकों को मिलेगी प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी

सरकार ने यह भी कहा है कि टाउनशिप विकसित करने वाली एजेंसियां जमीन मालिकों को परियोजना में हिस्सेदारी देने का विकल्प भी देंगी। यानी किसान और रैयत चाहें तो अपनी जमीन के बदले विकसित प्रोजेक्ट में भागीदार बन सकते हैं। अगर कोई जमीन मालिक परियोजना में हिस्सेदारी नहीं लेना चाहता, तो उसे सरकार की ओर से चार से पांच गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस मॉडल से किसानों और जमीन मालिकों को लंबे समय तक आर्थिक लाभ मिल सकता है।

शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए नई सेटेलाइट टाउनशिप की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नई टाउनशिप बनने से न सिर्फ आवासीय सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि सड़क, बिजली, पानी और रोजगार के क्षेत्र में भी विकास को गति मिलेगी। सरकार इसे बिहार के भविष्य के शहरी विकास की बड़ी योजना के रूप में देख रही है।

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