सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे कुल 38 न्यायाधीश

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34 से बढ़ा कर 38 करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट में अभी भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) को मिलाकर कुल 34 न्यायाधीश हैं। कानून मंत्रालय की अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट में चार न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सीजेआइ सहित न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो जाएगी। 1950 में जब सुप्रीम कोर्ट स्थापित हुआ था तब सीजेआइ को मिला कर कुल आठ न्यायाधीश ही थे।रविवार को राष्ट्रपति मुर्मु के अध्यादेश मंजूर करने और केंद्र सरकार के अधिसूचना जारी करने के बाद अब संसद के मानसून सत्र में इस अध्यादेश को पारित कराके कानून में परिवर्तित किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या उस समय बढ़ी है जब सर्वोच्च अदालत में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। विगत पांच मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने न्याय को गति देने और लंबित मामलों के जल्दी निपटारे के

केंद्र ने जारी की अधिसूचना, फिलहाल सीजेआइ समेत कुल 34 जज हैं उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट में चार न्यायाधीशों को बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 की धारा 2 में संशोधन किया गया है। पहली बार 1956 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए अधिनियम पारित किया गया जिसमें न्यायाधीशों की संख्या बढ़ा कर 10 कर दी गई। इसमे सीजेआइ शामिल नहीं थे। 1960 में संख्या बढ़ा कर 13 व 1977 में 17 और 1986 में सीजेआइ को छोड़ कर जजों की संख्या 25 कर दी गई। इसके बाद 2008 में यह 30 हो गई। 2019 में संख्या 33 कर दी गई जिसमें चीफ जस्टिस शामिल नहीं थे। अभी यह संख्या सीजेआइ समेत 34 है।

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