जिंदगी एक अभिनय
आज सुबह मैं रोज़ की तरह कॉलेज जा रही थी। वही रास्ता, वही भीड़, वही मन में चलती छोटी-छोटी चिंताएँ। मुझे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में एक ऐसा दृश्य सामने आएगा जो भीतर तक हिला देगा। सड़क पर एक बस पलटी हुई थी। आसपास भीड़ थी, बेचैनी थी, लोगों के चेहरों पर घबराहट थी। उस…