Women's political participation in India has progressed from initial symbolic representation to an institutionalized and decisive leadership

सशक्तिकरण की गूँज: भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का विकास और भविष्य

सशक्तिकरण की गूँज:किसी भी जीवंत लोकतंत्र की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी नीति-निर्माण संस्थाएँ समाज के सभी वर्गों के लिए कितनी समावेशी हैं। भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की कहानी शुरुआती दौर के हाशिएपन से लेकर आज शासन में बराबर की हिस्सेदारी हासिल करने के ऐतिहासिक सफर तक पहुँच चुकी…

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detailed analytical article on the ethics, credibility and challenges of digital journalism age Artificial Intelligence

डिजिटल पत्रकारिता और एआई (AI): तकनीकी क्रांति के बीच नैतिक सिद्धांतों का संरक्षण

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने डिजिटल पत्रकारिता के परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है। ऑटोमेटेड न्यूज राइटिंग (Automated Journalism), प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, और एआई-संचालित एल्गोरिदम के कारण आज खबरें पलक झपकते ही पाठकों तक पहुंच रही हैं। ब्लूमबर्ग का ‘साइबॉर्ग’ (Cyborg) और वॉशिंगटन पोस्ट का ‘हेलीओग्राफ’ (Heliograf) जैसे टूल्स इस बात के प्रमाण हैं कि…

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झारखंड में 32% बाल विवाह अब भी जारी, 2029 तक बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य — UNICEF

    RANCHI: झारखंड में बाल विवाह की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। यूनिसेफ के अनुसार, राज्य में अब भी लगभग 32 प्रतिशत बच्चों का विवाह कम उम्र में हो जाता है। इसे खत्म करने के लिए यूनिसेफ ने 2029 तक झारखंड को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी कड़ी…

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IGIMS में MBBS छात्र से मारपीट पर बवाल, छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर हंगामा

Patna News: राजधानी पटना स्थित Indira Gandhi Institute of Medical Sciences (IGIMS) में मंगलवार दोपहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों पर एमबीबीएस फाइनल ईयर के एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन…

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क्या सच में ‘सोने की चिड़िया’ था भारत?

विदेशी यात्रियों की आंखों से देखिए उस भारत को, जिसकी दौलत देखकर दुनिया हैरान रह जाती थी “भारत सोने की चिड़िया था” — यह सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि सदियों तक दुनिया की सोच थी। प्राचीन और मध्यकालीन भारत इतना समृद्ध था कि विदेशी यात्री यहां की संपत्ति, व्यापार, ज्ञान और संस्कृति देखकर चकित रह…

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“बिखरी हुई कोशिशें, दूर होती मंज़िल”

  आज का युवा पहले से ज़्यादा जागरूक है। उसके पास जानकारी है, इंटरनेट है, guidance है, resources हैं। वह सपने भी बड़े देखता है — एक सम्मानजनक नौकरी, एक सुरक्षित भविष्य, अपने माता-पिता के चेहरे पर गर्व की मुस्कान। लेकिन इन सबके बीच एक अजीब सी थकान धीरे-धीरे उसकी आत्मा को घेर रही है।…

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Digital India, बदलते भारत की एक सच्ची तस्वीर

Digital India, बदलते भारत की एक सच्ची तस्वीर कुछ साल पहले, जब भी मुझे बैंक जाना होता था, आधा दिन लाइन में ही निकल जाता था। बिजली का बिल भरने के लिए अलग लाइन लगानी पड़ती थी, और सरकारी काम के लिए कई बार बार-बार चक्कर लगाने होते थे। ये सब हमारे रोज़मर्रा के जीवन…

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Hello Baccho – शिक्षा नहीं, बच्चों के भविष्य का मिशन

आज के दौर में जहाँ education धीरे-धीरे एक बड़े business में बदलती जा रही है, वहीं Hello Baccho जैसी inspiring web series समाज को एक अलग और सकारात्मक सोच देने का काम करती है। यह series सिर्फ पढ़ाई या Physics तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि असली शिक्षा वही होती है जो…

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“चिरैया” : शादी के भीतर भी जरूरी है सहमति

आज के समय में वेबसीरीज़ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गई हैं, बल्कि समाज के उन मुद्दों को सामने लाने का जरिया भी बन चुकी हैं जिन पर अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती। Chiraiya ऐसी ही एक संवेदनशील और प्रभावशाली वेबसीरीज़ है, जो महिलाओं की भावनाओं, उनके संघर्षों और उनके अधिकारों को बहुत…

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फैशन अब सिर्फ़ दिखावे तक सीमित नहीं रहा !

आज सुबह कॉलेज जाते समय मैंने रास्ते में कई लड़कियों को देखा। किसी ने सिल्वर ज्वेलरी पहनी थी, कोई ओवरसाइज़्ड थ्रिफ्ट जैकेट में थी, तो कोई बेहद सिंपल लेकिन एस्थेटिक कपड़ों में। पहले फैशन सिर्फ़ महंगे ब्रांड्स और चमक-दमक तक सीमित लगता था, लेकिन अब चीज़ें बदल रही हैं। आज की युवा पीढ़ी सिर्फ़ अच्छा…

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