ए.एफ.एस. टाल्यारखान: वह आवाज जिसने भारत में क्रिकेट को सुनने की संस्कृति दी
आज क्रिकेट कमेंट्री हाईटेक स्टूडियो, दर्जनों कैमरों और विशेषज्ञ पैनलों के बीच होती है। दर्शक हर गेंद को अलग-अलग एंगल से देख सकते हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब भारत में करोड़ों लोग सिर्फ एक आवाज के सहारे मैच महसूस करते थे। वह आवाज थी — ए.एफ.एस. टाल्यारखान की। उन्हें भारतीय क्रिकेट कमेंट्री…